ऊना। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को हरोली में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क की डीपीआर बनाने के लिए पूरी तरह से जुट जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी इस काम के लिए दिन-रात एक कर दें। इस आशय की जानकारी सीएम ने रविवार को ऊना में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।
उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग पार्क के आने से छोटे और पहाड़ी राज्य हिमाचल के विकास को और गति मिलेगी। हरोली समेत पूरे हिमाचल की अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नई जगह विकसित करने के लिए हरोली में साइट का चयन किया गया है। यहां 1405 एकड़ भूमि पर प्लॉट बनाने में कम खर्चा आएगा। यहां कनेक्टिविटी की भी बेहतर सुविधा है। इस प्रोजेक्ट को हिमाचल लाने के लिए सीरिज ऑफ मीटिंग की गई और बिजली, पानी समेत अन्य सुविधाओं को लेकर काफी मंथन के बाद सभी चीजें तय हुई। पूरी प्रक्रिया में हिमाचल पहले स्थान में रहा।
उन्होंने बताया कि यह परियोजना भारत को दवाइयों के कच्चे माल में आत्मनिर्भर बनाएगी। 30,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार देगी। इसके अलावा परियोजना में आखिरी तक 50,000 करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है। कहा कि कुछ लोगों ने इस प्रोजेक्ट पर सवाल भी खड़े किए कि यह नहीं होगा, लेकिन अब उद्योग भी पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए विकसित हो रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल की उपब्धियां रखी और कहा कि उन्होंने पुराने ढर्रे में चलने के बजाय कई नई पहल की है। जिनका जनता को सीधा लाभ मिल रहा है। कहा कि बार-बार लंबे समय तक सत्ता में रहना महत्वपूर्ण नहीं है। सत्ता में रहते हुए समाज और राज्य के लिए क्या किया गया, यह महत्वपूर्ण है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर, छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, हिमाचल प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, भाजपा जिला महामंत्री राजकुमार पठानिया, लखविंद्र लक्खी व अन्य मौजूद रहे।