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Una News: 50 से अधिक स्कूलों में घटी विद्यार्थियों की संख्या

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ऊना। जिले के 50 से अधिक स्कूलों में इस बार विद्यार्थियों की संख्या बीते शैक्षणिक सत्र के मुकाबले कम रह गई है। शिक्षा विभाग व स्कूल प्रबंधन की ओर से लगातार बच्चों और अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया गया।
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सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को भी पहले से बेहतर किया गया लेकिन इसके बावजूद दाखिला लेने वाले बच्चों की संख्या में कमी आई है। जानकारी के अनुसार जिला के छह शिक्षा खंडों में कई स्कूल ऐसे हैं जहां विद्यार्थियों ने पिछले साल के मुकाबले कम संख्या में दाखिला लिया। हालांकि अभी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया चली है लेकिन छोटी कक्षाओं के लिए लगभग सभी बच्चे कहीं न कहीं दाखिला ले चुके हैं। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि बच्चों की दाखिला संख्या आने वाले दिनों में भी यही रहेगी।
अंब शिक्षा खंड के राजकीय प्राथमिक स्कूल अलेहड़ में दाखिला लेने वाले बच्चों की संख्या 11 से नौ, अंदौरा में 80 से 68, बदाउं में 59 से 46, रायपुर जस्वां में छह से तीन, पंगलु नौ से सात, नलोह में 11 से नौ, कड़प में 18 से 13, बंगाणा शिक्षा खंड के पखलाह में सात से चार, भियांबी में 16 से 11, बुधान में 101 से 86, कुसियाला में 15 से 9, बल्ह खालसा (ब्रांच स्कूल) दो से शून्य रह गई है। वहीं, गगरेट खंड के मवा सिंधिया स्कूल में विद्यार्थियों का दाखिला 123 से घटकर 103, टटेहड़ा लोअर में 81 से 64, कलोह में 162 से 128, गगरेट में 128 से 107, अंबोटा में 109 से 82, बंड बक्शी टकोली में 8-0, बणे दी हट्टी में 210 से 173 रह गया। इसी प्रकार हरोली के जखेवाल स्कूल में दाखिला संख्या 20 से कम होकर 14, हरोली में 160 से 147, ईसपुर में 104 से 73, ऊना खंड के गलुआ स्कूल में 99 से 72, बसदेहड़ा में 127 से 102, छतरपुर में 113 से घटकर 88 कर गई। इसके अलावा भी कई अन्य स्कूल ऐसे हैं, जिनमें दाखिला लेने वाले बच्चों की संख्या बीते साल का आंकड़ा भी नहीं छू पाई और कइयों में नए बच्चों ने दाखिला नहीं लिया।
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अध्यापकों की कमी मुख्य कारण

बताया जा रहा है कि प्राथमिक स्कूलों में अध्यापकों की भारी कमी है। स्कूल में सभी प्रकार की सुविधाएं होने के बावजूद अध्यापकों की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ता है। जिन स्कूलों में बच्चों की अधिक संख्या है, उनके मुकाबले अध्यापक कम है। वहीं, कई स्कूलों में केवल एक अध्यापक पांच कक्षाओं की जिम्मेदारी उठा रहा है जबकि निजी स्कूलों में हर कक्षा के लिए अलग अध्यापक है।
स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया अभी जारी है। आने वाले दिनों में और बच्चे दाखिला लेने स्कूल पहुंच सकते हैं। हाल ही में जिले के करीब 26 स्कूलों में नए शिक्षकों की भर्ती की गई है। अन्य स्कूलों में भी नए शिक्षकों की तैनाती को लेकर जल्द कदम उठाए जाएंगे।
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देवेंद्र चंदेल, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग
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