गगरेट (ऊना )। खाद्य पदार्थ बनाकर लोगों को स्वाद के चटखारे लगाने पर मजबूर करने वालों को भी अब गहन स्वास्थ्य परीक्षण से गुजरना होगा। खाद्य पदार्थों की रेहड़ियां या दुकानें चलाने वालों को अब फूड लाइसेंस तभी मिलेगा जब वह अस्पताल में टीबी और हेपेटाइटस बी का परीक्षण करवाएंगे। लोगों की सेहत के साथ कोई खिलवाड़ न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने यह गंभीर निर्णय लिया है। अक्सर लोग गली बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के इतने शौकीन होते हैं कि जहां भी मनपसंद रेहड़ी देखी वहीं स्वाद के चटखारे लेने के लिए रुक जाते हैं। कई संक्रामक रोग तेजी से फैल रहे हैं। बेशक खाद्य पदार्थ बेचने के लिए फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य है लेकिन इसके लिए पहले अस्पताल में साधारण टेस्ट ही करवाए जाते थे लेकिन लोगों की सेहत की फिक्र करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य पदार्थ बेचने वालों के लिए टीबी परीक्षण के साथ हेपेटाइटस बी परीक्षण करवाना अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ अन्य टेस्ट तो करवाने ही होंगे। तभी खाद्य पदार्थ बेचने वाले फूड लाइसेंस पाने के हकदार होंगे। जाहिर है कि स्वास्थ्य विभाग का यह निर्णय स्वागत योग्य है। इससे उन लोगों के स्वास्थ्य की भी देखभाल हो सकेगी जो गंभीर संक्रमण से ग्रस्त हैं । नागरिक अस्पताल गगरेट के चिकित्सा प्रभारी डॉ. शिवा लखनपाल ने बताया कि फूड लाइसेंस हासिल करने के लिए अब टीबी परीक्षण व हेपेटाइटस बी परीक्षण करवाना अनिवार्य होगा। तभी खाद्य पदार्थ बेचने वालों को फूड लाइसेंस मिल सकेगा।