पहल
डेरा बाबा रुद्रानंद आश्रम ने मरीजों की सुविधा के लिए की पहल
तीन जून से अस्पताल में शुरू होगी रात्रि लंगर की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। आश्रम डेरा बाबा रुद्रानंद के समाधिस्थ संत सुग्रीवानंद की याद में क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में अब रात्रि के समय भी तीमारदारों के लिए लंगर परोसा जाएगा। सुग्रीवानंद बीती दो मार्च 2025 को ब्रह्मलीन हो गए थे। उन्हें ब्रह्मलीन हुए तीन माह हो गए। अब उनकी याद में क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में रात का लंगर प्रतिदिन आश्रम डेरा बाबा रुद्रानंद से तैयार होकर आएगा। यह सेवा तीन जून से स्थायी तौर पर शुरू हो जाएगी। आश्रम के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रतिदिन शाम सात बजे आश्रम से गाड़ी में लंगर रखकर अस्पताल ले जाया जाएगा। हर प्रकार के बर्तन अस्पताल में रखे जाएंगे। यह फैसला वर्तमान आश्रम ट्रस्ट की तरफ से हेमानंद महाराज की अध्यक्षता में लिया गया है। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में रोगियों के साथ जो तीमारदार आते हैं उन्हें अपने रोगी की भी देखभाल करनी होती है। दूसरा खुद अपने भोजन की व्यवस्था के लिए कइयों को इधर-उधर भटकना पड़ता था। इसे देखते हुए डेरा बाबा रुद्रानंद प्रबंधन की ओर से रात की लंगर सेवा प्रतिदिन लागू रहेगी। इससे तीमारदारों को बहुत सुविधा मिलेगी। पहले दिन लगभग 300 लोगों के भोजन की व्यवस्था की जाएगी। उसके बाद जरूरत के अनुसार प्रतिदिन भोजन बनाकर अस्पताल के प्रांगण में ही लोगों को खिलाया जाएगा। आश्रम के वर्तमान ट्रस्ट के सदस्य राजीव शर्मा ने बताया कि लंगर तीन जून से शुरू होगा और प्रतिदिन चलता रहेगा।