स्थगन पर उठे सवाल, बिना अनुमति चुनाव की तारीख कैसे हुई तय
संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। नगर पंचायत गगरेट के अध्यक्ष सुरेंद्र जसवाल तोतू की ओर से निजी कारणों से त्यागपत्र देने के बाद बकायदा प्रशासन द्वारा पार्षदों को पत्र जारी करके अध्यक्ष पद का चुनाव मंगलवार को तीन बजे करवाने की सूचना दी गई। मंगलवार को तय समय पर नगर पंचायत गगरेट के सात पार्षदों में से छह पार्षद चुनाव के लिए हाजिर भी हो गए, लेकिन ऐन समय पर चुनाव अधिकारी एसडीएम सौमिल गौतम ने यह कहते हुए चुनाव स्थगित कर दिए कि अभी तक इस चुनाव के लिए चुनाव आयोग की ओर से अनुमति प्राप्त नहीं हुई है। यही नहीं, बल्कि पार्षदों को चुनाव स्थगित होने के पत्र भी जारी कर दिए गए।
ऐसे में सवाल यह है कि अगर नगर पंचायत अध्यक्ष के रिक्त चल रहे पद पर चुनाव करवाने के लिए जिला प्रशासन के पास चुनाव आयोग की कोई लिखित अनुमति नहीं थी तो फिर नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए तारीख कैसे तय हुई। किसके कहने पर पार्षदों को मंगलवार बाद दोपहर तीन बजे नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव करवाने के लिए चिट्ठी जारी की गई।
उधर, कई पार्षदों का आरोप है कि सत्तारूढ़ दल के इशारे पर ही अध्यक्ष पद का चुनाव टाला गया है। जबकि सत्तारूढ़ दल के पास इस पद के लिए कोई उम्मीदवार तक नहीं है। हालांकि चुनाव के तय समय पर चुनाव अधिकारी एसडीएम सौमिल गौतम नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और इस मामले में फंसे तकनीकी पेंच से पार्षदों को अवगत करवाया। काफी मशक्कत के बाद वह पार्षदों को अपनी बात समझाने में कामयाब हुए।
उधर उपायुक्त जतिन लाल का कहना है कि चुनाव आयोग की स्वीकृति अभी प्राप्त नहीं हुई है। वहां से अनुमति मिलते ही अध्यक्ष पद का चुनाव करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसा लगा कि चुनाव आयोग की अनुमति जल्द आ जाएगी।
ध्यान रहे कि अगर मंगलवार को ही नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होता तो अनिल कुमार नीलू का सर्वसम्मति से अध्यक्ष बनना तय था। इसके चलते अनिल कुमार नीलू ने अपने समर्थकों के लिए अपने घर चायपान का भी इंतजाम कर लिया था। उनके कई समर्थक नोटों के हार लेकर भी पहुंचे हुए थे।