उपायुक्त ऊना के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा जाएगा ज्ञापन
मनरेगा के पुराने स्वरूप की बहाली, चार लेबर कोड रद्द करने की उठाई जाएगी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
टाहलीवाल (ऊना)। 12 फरवरी को मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल आयोजित की जाएगी। यह जानकारी राष्ट्रीय इंटक के सचिव व प्रदेश महासचिव कामरेड जगत राम शर्मा तथा एटक के मुख्य सलाहकार करनैल सिंह ने ऊना में संयुक्त प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि बीएमएस को छोड़कर सभी राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन संगठन, बैंक, बीमा, सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी, साथ ही निजी, ठेका, आउटसोर्स, आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे-मील कर्मी व असंगठित क्षेत्र के मजदूर हड़ताल में भाग लेंगे। इंटक नेताओं ने कहा कि ऊना में विभिन्न यूनियनों की ओर से उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा। प्रमुख मांगों में मनरेगा के पुराने स्वरूप की बहाली, चार लेबर कोड रद्द करने, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक, आंगनबाड़ी, आशा व मिड-डे-मील वर्करों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने, 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी व 60 वर्ष में रिटायरमेंट शामिल हैं। उन्होंने सभी यूनियनों व श्रमिकों से हड़ताल को सफल बनाने की अपील की।