नंगल में श्री गुरूतेग बहादुर जी के 350 वें शहीदी शताब्दी पर नगर कीर्तन में मौजूद संगत। संवाद
नंगल(ऊना)। नौवीं पातशाही हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित नगर कीर्तन का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। नगर कीर्तन का शुभारंभ रविवार को गुरु गोबिंद सिंह की चरण छोह प्राप्त गुरुद्वारा विभोर साहिब से हुआ। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया में पंज प्यारों की अगुवाई में यह नगर कीर्तन नया नंगल और नंगल के विभिन्न बाजारों से होता हुआ गुरु की नगरी श्री आनंदपुर साहिब में जाकर संपन्न हुआ। रंग-बिरंगे फूलों से सजी पालकी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब का सुशोभित रूप संगत के आकर्षण का केंद्र रहा। कीर्तन करते हुए संगत ने पूरे नगर कीर्तन को भक्ति और उत्साह से भर दिया। यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र बोले सो निहाल, सत श्री अकाल ...के जयकारों से गूंज उठा।