अनुसंधान, नवाचार और शैक्षणिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) ऊना और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर की बीच आपसी समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ। इस समझौते का उद्देश्य अनुसंधान, नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। यह एमओयू दोनों संस्थानों की साझा सोच को दर्शाता है, जिसमें वे पारस्परिक लाभ के लिए विभिन्न तरीकों से मिलकर कार्य करेंगे। इस समझौते के अंतर्गत संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं में दोनों संस्थानों के शिक्षक और छात्र उभरती तकनीकों के क्षेत्र में मिलकर शोध करेंगे। स्टार्टअप ईको सिस्टम का विकास करने के लिए नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन गतिविधियों, स्टार्टअप्स को मेंटरशिप और नवाचार प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाओं में तकनीकी कौशल और ज्ञान बढ़ाने के लिए संयुक्त प्रशिक्षण सत्र, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और छात्रों के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। शैक्षणिक सहयोग में अतिथि व्याख्यान, संयुक्त सेमिनार, पाठ्यक्रम विकास और शैक्षणिक संसाधनों का आदान-प्रदान होगा। प्रयोगशालाएं और अवसंरचना विकास में दोनों संस्थानों के लिए उन्नत अनुसंधान प्रयोगशालाओं और नवाचार केंद्रों की स्थापना और साझा उपयोग होगा। संसाधनों का साझाकरण की दिशा में एक-दूसरे की अनुसंधान सुविधाओं, तकनीकी उपकरणों और शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग साझा रूप से करना शामिल है। यह सहयोग छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को बहुविषयक सीखने, नवाचार और उद्यमशीलता के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा। दोनों संस्थान एक-दूसरे की क्षमताओं और संसाधनों का लाभ उठाकर भारत के बढ़ते प्रौद्योगिकी और नवाचार क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने का लक्ष्य रखते हैं। इस अवसर पर ट्रिपल आईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने कहा कि यह समझौता हमारे शैक्षणिक और अनुसंधान लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आईआईटी कानपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ सहयोग करना न केवल हमारी शोध क्षमताओं को मजबूत करेगा, बल्कि नवाचार, स्टार्टअप विकास और अकादमिक प्रगति के नए रास्ते भी खोलेगा।