क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में महिलाओं को शिशु को स्तनपान कराने के फायदे बताए
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में शुक्रवार को जिलास्तरीय जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी गोपाल कृष्ण ने बताया कि इस सप्ताह का उद्देश्य माताओं में स्तनपान के प्रति जागरुकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि जन्म के तुरंत बाद मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रोम) शिशु को अवश्य पिलाना चाहिए, जो उसके लिए अमृत समान होता है और यह बच्चे का पहला प्राकृतिक टीकाकरण भी है। बताया गया कि शिशु को 6 माह की आयु तक केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए और इस दौरान कोई अन्य पेय या आहार न दें। स्तनपान से बच्चों को दस्त, निमोनिया जैसे रोगों से सुरक्षा मिलती है और उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। बीसीसी समन्वयक कंचन माला ने कहा कि स्तनपान से शिशु को संतुलित पोषण, संक्रमण से सुरक्षा और मानसिक संतुष्टि मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि शिशु के बीमार होने पर भी स्तनपान जारी रखना चाहिए क्योंकि यह मां और बच्चे के बीच गहरा संबंध बनाता है। इस अवसर पर महिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षक रघुवीर कौर, आशा वर्कर लता सहित लगभग 120 गर्भवती महिलाएं, धात्री महिलाएं, आम नागरिक व नर्सिंग छात्राएं उपस्थित रहीं।