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गो माता संपूर्ण मानव जाति के लिए पूजनीय : बाबा बाल

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संवाद न्यूज एजेंसी
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दौलतपुर चौक (ऊना)। डेरा बाबा हरिशाह अंबोआ दरबार में राकेश शाह के सानिध्य में चल रही श्रीमद गो भागवत कथा में मंगलवार को प्रसिद्ध कथावाचक कृष्ण कन्हैया जोशी ने गोवर्धन प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि जब भगवान कृष्ण ने देखा कि सब बृजवासी उत्तम पकवान बना रहे हैं। उन्होंने बृज वासियों से पूछा कि तुम सब यह किस के लिए कर रहे हो तो उन्होंने कहा कि यह सब देवराज इंद्र के लिए किया जा रहा है। वह ही हमारे लिए वर्षा करवाते हैं। कथा वाचक ने बताया कि देवराज इंद्र को अभिमान हो गया था। इंद्र का अभिमान चूर करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण (लीलाधारी श्री हरि विष्णु के अवतार) ने एक लीला रची। भगवान श्रीकृष्ण बोले- हमें तो गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए। जब देवराज इंद्र को पता चला कि सब गोकुल वासी मेरी पूजा न करके गोवर्धन पर्वत की पूजा कर रहे हैं तो इंद्र ने वहां पर मूसलाधार बारिश आरंभ करवा दी। उन्होंने कहा कि तब भगवान श्रीकृष्ण ने लगातार सात दिन तक अपनी सबसे छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को उठा कर रखा और गोप-गोपियां उसकी छाया में सुखपूर्वक रहे। इस दौरान भगवान कृष्ण को छप्पन प्रकार का भोग भी लगाया गया। जबकि इस मौके पधारे संत बाबा बाल ने कहा कि शास्त्रों में बताया गया है कि गाय उसी प्रकार पवित्र होती है जैसे नदियों में गंगा। गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी कहा गया है। जैसे देवी लक्ष्मी सुख समृद्धि प्रदान करती है, उसी प्रकार गो माता भी अपने दूध से स्वास्थ्य रूपी धन प्रदान करती है। गो माता संपूर्ण मानव जाति के लिए पूजनीय है।
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