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Una News: शातिरों ने डिजिटल अरेस्ट के बहाने 61 लाख ठगे

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हरोली के नगनोली में सेवानिवृत्त मुख्य अध्यापक हुए ठगी के शिकार
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आरोपियों ने गिरफ्तारी का डर बनाकर दिया वारदात को अंजाम

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। हरोली पुलिस थाना के तहत नगनोली गांव में एक सेवानिवृत्त मुख्य अध्यापक के साथ डिजिटल अरेस्ट के बहाने 61 लाख रुपये की ठगी होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने ठगी के शिकार व्यक्ति की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। राकेश कुमार निवासी वार्ड-4 गांव व डाकघर नगनोली तहसील हरोली जिला ऊना ने शिकायत में पुलिस को बताया कि उसे 22 नवंबर को एक व्हाट्सएप कॉल आई। इसमें उसे कहा गया कि उसके खिलाफ तिलक नगर मुंबई में 17 लोगों ने केस दर्ज करवाया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके बाद कई नंबरों से उसे व्हाट्सएप काॅल आती रही। सभी अपने आप को पुलिस अधिकारी बताते रहे और पैसे की मांग करते रहे। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह आरोपियों के बार-बार फोन आने से डर गया। आरोपियों की मांग के चलते उसने अपने अलग-अलग खातों से 61.29 लाख रुपये दे दिए लेकिन आरोपियों ने बुधवार को उसे दोबारा काॅल की और कहा कि आप पैसे भेजो अन्यथा उसे खत्म कर देंगे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। पुलिस थाना हरोली के प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट आरोपियों की ओर से अपनाई जा रही एक नई थ्योरी है। इससे नेशनल सिक्योरिटी एक्ट या अन्य एक्ट का हवाला देकर और सीबीआई या अन्य बड़ी एजेंसी ईडी के डर से लोगों को ठगा जाता है। आरोपी पहले पता लगाते हैं कि किसी के बैंक अकाउंट में कितनी धनराशि है। इसके बाद व्हाट्सएप के माध्यम से कॉल करके लगातार उन पर डर बनाया जाता है कि वह घर से बाहर न निकलें और जब भी निकलें तो वह उनकी नजर में रहेंगे। जितना भी पैसा वह बोलते हैं उतना सरेंडर करें। थाना प्रभारी सुनील कुमार ने आम जनता से आग्रह किया है कि किसी भी तरह की कॉल पर पैसे डालने से पहले पुलिस से संपर्क करना सुनिश्चित करें।
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