सक्रिय और निष्क्रिय आय के बीच के अंतर को स्पष्ट किया
जिलास्तरीय अधिकारियों के लिए निवेशक शिक्षा पर लगया विशेष सत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला प्रशासन ऊना ने वित्तीय निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने और आम निवेश संबंधी नुकसान से बचाव को लेकर बुधवार को डीआरडीए सभागार में जिलास्तरीय अधिकारियों के लिए निवेशक शिक्षा पर एक सत्र आयोजित किया। इस दौरान भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को भारतीय प्रतिभूति बाजार की विभिन्न अवधारणाओं, निवेश तकनीकों और जोखिम प्रबंधन की बारीकियों पर विस्तृत और ज्ञानवर्धक जानकारी प्रदान की। सत्र में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के उपप्रबंधक शिवम जिंदल ने प्रतिभूति बाजार के प्राथमिक और द्वितीयक बाजार (स्टॉक ट्रेडिंग) की अवधारणाओं के साथ-साथ सक्रिय आय, जो निरंतर मेहनत से अर्जित होती है और निष्क्रिय आय, जो निवेश से उत्पन्न होती है, इसके बीच के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने ट्रेडिंग के लिए आवश्यक ट्रेडिंग अकाउंट, डीमैट अकाउंट और बैंक अकाउंट की भूमिका पर जोर देते हुए केवल सेबी के साथ पंजीकृत ब्रोकर्स के माध्यम से ट्रेडिंग करने की सलाह दी। ब्रोकर नियुक्त करने से पहले उनके क्रेडेंशियल (प्रमाणिकता) की जांच और जोखिम प्रबंधन नीतियों को पढ़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन ट्रेडिंग के साथ-साथ यूनिक क्लाइंट कोड और इससे जुड़े नियमों की जानकारी दी। सेबी स्मार्ट के ट्रेनर नरेंद्र सिंह जमवाल ने डमी ट्रेडिंग एप, अनचाहे ईमेल और व्हाट्सएप टिप्स जैसे डिजिटल जोखिमों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने वास्तविक जीवन के केस स्टडीज के माध्यम से यह समझाया कि कैसे लापरवाही वित्तीय नुकसानों का कारण बन सकती है और इसके बचाव के लिए स्मार्ट निवेश की रणनीतियां अपनाई जा सकती हैं। कार्यक्रम की सराहना करते हुए सहायक आयुक्त वरिंद्र शर्मा ने इसे समय की मांग और भविष्य को सुरक्षित करने का बेहतर उपाय बताया।