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Una News: बंगाणा के पीपलू के पास गिरा ल्हासा, दो घंटे बंद रहा संपर्क मार्ग

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दूसरा संपर्क मार्ग भयांबी में बंद, राहगीर परेशान
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प्रदेश के प्रसिद्ध लोक गायक धीरज शर्मा भी ट्रैफिक जाम में फंसे रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। बंगाणा-धनेटा सड़क पर पीपलू के पास ल्हासा गिरने की घटना ने एक बार फिर लोक निर्माण विभाग की आपदा प्रबंधन तैयारियों की कलई खोल दी है। भूस्खलन के चलते सड़क पूरी तरह बंद हो गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।स्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि ल्हासा गिरने की सूचना विभाग को समय रहते दे दी गई थी, लेकिन जेसीबी मशीन करीब दो घंटे की देरी से मौके पर पहुंची। इस लापरवाही के चलते बंगाणा से पीपलू, कोट, मतोह, चमुक्खा और सरोह की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकारी और निजी वाहन दोनों ही प्रभावित हुए। पीपलू की ओर जा रही एक सरकारी बस रास्ता बंद होने के कारण वापस बंगाणा लौट गई, जिससे यात्रियों को अपना सफर पैदल तय करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं, लेकिन प्रशासन या लोक निर्माण विभाग का कोई भी अधिकारी प्रारंभिक रूप से मौके पर नहीं पहुंचा। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध लोक गायक धीरज शर्मा भी ट्रैफिक जाम में फंसे रहे। उन्हें तलमेहड़ा के प्राचीन सदाशिव मंदिर में आयोजित धार्मिक संध्या में भाग लेना था, लेकिन मार्ग बाधित होने के कारण कार्यक्रम में विलंब हुआ। आयोजकों के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहले ही पहुंच चुके थे, पर गायक के देर से पहुंचने के कारण धार्मिक संध्या देर से शुरू हो सकी। गौरतलब है कि मानसून के मौसम में इस मार्ग पर पहले भी कई बार भूस्खलन हो चुका है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मानसून के दौरान इस सड़क पर जेसीबी जैसी आपातकालीन मशीनें हर समय तैयार रखी जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग मंडल बंगाणा के जूनियर इंजीनियर महिंद्र सिंह ने बताया कि जेसीबी के देर से पहुंचने के पीछे तकनीकी कारण थे। उन्होंने कहा कि मशीन पहले किसी अन्य सड़क को खोलने में व्यस्त थी, इसलिए देरी हुई। हालांकि स्थानीय लोगों का मानना है कि यह विभाग की लापरवाही का मामला है। यह घटना प्रदेश में आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है और प्रशासन को चेतावनी देती है कि समय रहते उचित प्रबंध किए जाएं, ताकि भविष्य में जनता को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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