गगरेट (ऊना)। देश की अग्रणी चश्मा निर्माण एवं विक्रय कंपनी लेंसकार्ट इन दिनों अपनी एक कथित वेशभूषा ड्रेस कोड नीति को लेकर विवादों में घिर गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस नीति में स्टोर कर्मचारियों के लिए बिंदी, तिलक तथा कलावा जैसे हिंदू धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध का उल्लेख किया गया है जबकि हिजाब एवं पगड़ी जैसे अन्य धार्मिक परिधानों को अनुमति प्रदान करने की बात कही गई है। सोशल मीडिया पर इस कथित भेदभावपूर्ण नीति से संबंधित स्क्रीनशॉट के व्यापक रूप से प्रसारित होने के उपरांत कंपनी तथा इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीयूष बंसल को तीव्र आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न वर्गों द्वारा इस विषय पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराते हुए व्यापक चर्चा प्रारंभ हो गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में गगरेट के शिवसैनिकों ने भी इस विषय पर कड़ा विरोध प्रकट करते हुए अपना ऐतराज दर्ज कराया है। शिवसेना के राष्ट्रीय सचिव अभिजीत आदिसूल के निर्देशानुसार कार्यकारी अध्यक्ष राजेश राजू शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उक्त नीति को हिंदू विरोधी एवं भेदभावपूर्ण बताया। शिवसैनिकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से कंपनी के बहिष्कार की मांग उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसी नीतियों को शीघ्र वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा। संगठन ने संबंधित कंपनी से इस प्रकरण पर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने तथा सभी धर्मों के प्रति समान दृष्टिकोण अपनाने की अपेक्षा की है।