गगरेट (ऊना)। गगरेट विधानसभा क्षेत्र में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां अब चरम पर पहुंच चुकी हैं लेकिन प्रधान पद को लेकर सहमति न बनने से सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। ज्यादातर पंचायतों में सर्वसम्मति के प्रयास नाकाम साबित हुए हैं जिसके चलते अब चुनावी घमासान तय माना जा रहा है। ग्रामीण स्तर पर जहां पहले आपसी सहमति से प्रधान चुनने की परंपरा देखने को मिलती थी, वहीं इस बार हालात बिल्कुल उलट हैं। कई पंचायतों में रिश्तेदार और करीबी समर्थक आमने-सामने खड़े हो गए हैं। इससे चुनाव सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक रिश्तों की भी परीक्षा बनता नजर आ रहा है। गांवों में छोटे-छोटे गुट बन चुके हैं और हर गुट अपने-अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। चुनावी बैठकों, नुक्कड़ चर्चाओं और घर-घर संपर्क अभियान ने माहौल को पूरी तरह चुनावी रंग में रंग दिया है। खास बात यह है कि कई जगह पर युवा उम्मीदवार भी मैदान में उतर रहे हैं, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है। सिर्फ पंचायत ही नहीं बल्कि ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनावों में भी तस्वीर कम दिलचस्प नहीं है। यहां भी अपनों की अपनों से टक्कर की स्थिति साफ दिखाई दे रही है। राजनीतिक दल भले ही सीधे तौर पर मैदान में न हों लेकिन समर्थित उम्मीदवारों के जरिये अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। जिला परिषद वार्डों की बात करें तो अंबोटा वार्ड अनारक्षित होने के कारण यहां सबसे ज्यादा दावेदार सामने आ रहे हैं और मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय होने के आसार हैं। चलेट वार्ड महिला के लिए आरक्षित है, जहां कई मजबूत महिला चेहरे सामने आ चुके हैं और प्रचार ने रफ्तार पकड़ ली है। वहीं लोअर भंजाल वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के चलते यहां नए समीकरण बनते दिख रहे हैं और कई नए उम्मीदवार अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। जानकारों की मानें तो इस बार चुनाव में विकास कार्य, व्यक्तिगत छवि, जातीय संतुलन और स्थानीय मुद्दे निर्णायक भूमिका निभाएंगे। नशे, बेरोजगारी, सड़क, पानी और मूलभूत सुविधाएं प्रमुख चुनावी मुद्दों के रूप में उभर रही हैं। क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों संजय शर्मा, रमणीक कुमार, इंद्रजीत, रघुवंत, तरसेम, सुदेश आदि के अनुसार लोकल स्तर पर होने वाले यह चुनाव खासे दिलचस्प होते हैं। इन चुनावों का जब तक नतीजा नहीं आ जाता, तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता। स्थानीय चुनावों में सुबह-शाम की हवा में भी बनते बिगड़ते समीकरण नजर आते हैं।