मानव अधिकारों के लिए शिक्षा का महत्व जरूरी : डॉ. मनोज
संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दौलतपुर चौक में वार्षिक परीक्षा की तैयारी को लेकर स्थानीय डिग्री कॉलेज के शिक्षकों ने एक सेमिनार में कक्षा नौवीं से जमा दो के सभी विद्यार्थियों को कॅरिअर और गाइडेंस को लेकर अपने विचार साझा किए। सेमिनार में डॉ. मनोज कहोल, डॉ. अनुराधा व डॉ. गौरव ने परीक्षा के दिनों में तैयारी कैसे करें और कला संकाय, वाणिज्य संकाय और विज्ञान संकाय में परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद कौन-कौन से कोर्स करें और कैसे अपना भविष्य उज्ज्वल बनाएं, इन विषयों पर सभी आए हुए अतिथियों ने अपना ज्ञान बांटा। प्रोफेसर डॉ. मनोज कहोल ने कहा कि अन्य सभी मानव अधिकारों के प्रयोग के लिए शिक्षा का महत्व बहुत जरूरी है। यह सभी व्यक्तियों को स्वतंत्रता और सशक्तीकरण प्रदान करता है। प्रोफेसर डॉ. अनुराधा ने अपने वक्तव्य में कहा कि शिक्षा हमारे समाज की नींव है। सीखने का रोमांच, जिज्ञासा और विकास की मानसिकता को बढ़ावा देना ओर आजीवन सीखने और जिज्ञासु मन को बढ़ावा देने के महत्व की खोज करता है। प्रो. गौरव ने कहा कि भाषण आपको अपनी शिक्षा के पीछे के क्यों को खोजने और अपनी शैक्षणिक गतिविधियों में उद्देश्य खोजने में मदद करता है। अतिथि शिक्षकों का विद्यालय के प्रधानाचार्य वासुदेव ठाकुर ने धन्यवाद किया और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।