संवाद न्यूज एजेंसी
जोल (ऊना)। उपतहसील जोल के तहत गांव अंबेहड़ा धीरज में शुक्रवार को श्रीमद्भागवत कथा के उपलक्ष्य पर कलश यात्रा निकाली गई। महालक्ष्मी इंडस्ट्री से गांव के मुख्य मार्ग होते हुए बाबा सिद्ध वनी मंदिर तक बैंड-बाजे के साथ कलश यात्रा निकली। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महिलाओं ने सज-धजकर कलश उठाए। महिलाओं ने मंगल कलश उठाकर यात्रा में भाग लिया। इसके बाद कलश को कथास्थल पर स्थापित किया गया। कलश यात्रा के दौरान गांववासियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भागवत महापुराण का स्वागत किया। कीर्तन मंडलियों ने भजन-कीर्तन किया। वहीं, महिलाएं भजनों पर जमकर झूमीं। इस दौरान गांव का माहौल भक्तिमय हो गया। कथास्थल पर व्यास पूजन किया गया। कथाव्यास आचार्य शिवकुमार शास्त्री ने पहले दिन भक्तों को श्रीमद्भागवत महापुराण का महात्म्य सुनाया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से ही प्राणी को मुक्ति मिल जाती है। उन्होंने लोगों को भागवत कथा सुनने के लिए प्रेरित किया। कहा कि मनुष्य निजी स्वार्थ के कारण भक्ति और ज्ञान से दूर हो रहा है। संतों और गुरु के साथ रहने से मनुष्य को ज्ञान मिलता है। मनुष्य भक्ति के मार्ग पर चलकर मोक्ष की प्राप्ति की ओर बढ़ता है। भगवान की आराधना के लिए प्रतिदिन समय निकालना चाहिए। बुजुर्गों का आदर और स्त्रियों का सम्मान करेंगे तो घर में कभी विवाद नहीं होंगे और परिवार आदर्श कहलाएगा। इसके लिए जरूरी है कि बच्चों को बचपन से ही धर्म और संस्कारों की शिक्षा दें। श्रीमद्भागवत कथा में रोजाना सुबह 8:00 बजे से सामूहिक महारुद्राभिषेक का आयोजन पंडित पुष्पेंद्र शास्त्री की ओर से करवाया जा रहा है।