गगरेट (ऊना)। राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारी एवं कानूनगो का जिला कैडर से स्टेट कैडर किए जाने की सुगबुगाहट शुरू है। इसके बीच ही हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ हरकत में आ गया है। महासंघ की प्रांतीय इकाई ने प्रदेशाध्यक्ष सतीश चौधरी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी से मुलाकात कर इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया और पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर इन मांगों का भी त्वरित समाधान मांगा।
हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा कि पटवारी एवं कानूनगो का जिला कैडर है। यानी कि जिस जिले में वह कार्यरत हैं, उससे बाहर उनका तबादला नहीं किया जा सकता, लेकिन अब सुनने में आ रहा है कि प्रदेश सरकार पटवारी एवं कानूनगो का स्टेट कैडर करने जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार को कोई ज्यादा लाभ नहीं होगा, बल्कि इससे उल्टा राजस्व कर्मियों की कार्य क्षमता पर प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में सरकार कोई भी कदम उठाने से पहले महासंघ को जरूर विश्वास में ले। उन्होंने मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री से पटवार घरों में इंटनेट की सुविधा भी उपलब्ध करवाने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग का सारा रिकाॅर्ड कम्प्यूटराइज्ड किया जा चुका है, लेकिन पटवार घरों में अभी तक इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध ही नहीं करवाई गई है। ऐसे में पटवारियों को काम करने में दिक्कत आ रही है। इस समस्या का भी जल्द समाधान किया जाना समय की मांग है। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि योजना में भी पटवारियों से केवल भूमि संबंधी कार्य करवाने की ही सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि आबादी देह कार्य भी बंदोवस्त विभाग से करवाने चाहिए।
सतीश चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री व राजस्व मंत्री के साथ हुई महासंघ की बैठक आशातीत रही है। उन्हें विश्वास है कि प्रदेश सरकार महासंघ को विश्वास में लिए बगैर कोई निर्णय नहीं लेगी, अन्यथा महासंघ को संघर्ष का बिगुल बजाने पर विवश होना पड़ सकता है।