श्रम न्यायालय धर्मशाला ने जारी किए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
टाहलीवाल (ऊना)। औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल में स्थित दीपक फास्टनर प्राइवेट लिमिटेड के कामगारों का अवैध छंटनी को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार अपने अंजाम तक पहुंच गया। यह मामला लगभग आठ वर्षों तक श्रम न्यायालय धर्मशाला में चलता रहा। 30 अगस्त को श्रम न्यायालय धर्मशाला कैंप ऊना ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीनों कामगारों की सेवा बहाल करने के आदेश दिए। साथ ही पिछली नौकरी को लगातार मानते हुए प्रबंधन को प्रत्येक कामगार को 50-50 हजार रुपये देने का आदेश भी दिया।यह विवाद वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। जब उद्योग प्रबंधन ने यूनियन पदाधिकारियों पर हाथापाई का आरोप लगाकर तीनों कामगारों की सेवा समाप्त कर दी थी। मजदूर संघ ऊना ने इस फैसले को सराहनीय करार दिया है। कहा कि कुछ उद्योग प्रबंधक मनमानी करते हुए कर्मचारियों का शोषण करते हैं। संघ ने कामगारों को एक साथ मिलकर कार्य करने की अपील भी की है। यह जानकारी हरी कृष्ण सचिव भारतीय मजदूर संघ जिला ऊना ने दी है।