काले बादल फसलों पर नही किसान की किस्मत पर है........कुछ दिनों से हो रही बारिश के चलते ऊना में ग
ऊना/पंडोगा (ऊना)। ऊना जिला में हो रही लगातार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। असमय वर्षा का सबसे अधिक असर गेहूं और आलू की फसलों पर देखने को मिल रहा है। कृषि विभाग ने बारिश से 20 फीसदी गेहूं की फसल तबाह होने का आकलन किया है। वहीं आलू की फसल के लिए भी किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। खेतों में पानी भरने से अत्यधिक नमी के कारण फसलें खराब होने लगी हैं। इस समय गेहूं की फसल पक कर तैयार होने की स्थिति में है। ऐसे समय में लगातार बारिश होना बेहद नुकसानदायक साबित हो रहा है। खेतों में पानी भरने से गेहूं की फसल बिछ गई है। नमी बढ़ने से दाने काले और सिकुड़ रहे हैं। फफूंदी और अन्य रोगों का खतरा बढ़ रहा है। फसल की उत्पादन क्षमता भी कम दिखती नजर आ रही है। आलू की फसल जो जमीन के अंदर होने व अत्यधिक नमी से सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। खेतों में पानी जमा होने से आलू सड़ने लगा है। स्थानीय किसानों में बलवीर सिंह, रोशन लाल, जीवन कुमार, हीरा लाल, अश्वनी कुमार, विजय सिंह, प्रीतम चंद का कहना है कि इस बार उन्होंने मेहनत और लागत अत्यधिक लगाई थी। बारिश ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। किसानों ने सरकार से मुआवजे और सहायता की मांग की है। उधर कृषि विभाग ऊना के उपनिदेशक डॉ. प्रेम ठाकुर का कहना है कि बारिश से गेहूं की 15 से 20 फीसदी फसल तबाह हो गई है। गेहूं की फसल का रंग भी काला पड़ने से उत्पादन पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि फील्ड से नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है।
काले बादल फसलों पर नही किसान की किस्मत पर है........कुछ दिनों से हो रही बारिश के चलते ऊना में ग