जिला परिषद हॉल में आयोजित बैठक के दौरान वाक आउट करते हुए जिला परिषद सदस्य व अन्य।संवाद
सदस्यों ने अध्यक्ष समेत बैठक का बहिष्कार करते हुए किया वाकआउट
15वें वित्त आयोग का बजट जारी न करने की सूरत में जताया गहरा रोष
बोले- जब तक फंड की किस्त नहीं मिलती बैठकों में नहीं होंगे शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला परिषद ऊना के सभागार में वीरवार को आयोजित बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक में जिला परिषद के सदस्यों ने 15वें वित्त आयोग के तहत वर्ष 2023-24 का बजट जारी न करने की सूरत में गहरा रोष जताया और जिला परिषद अध्यक्षा समेत सभी सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए वाकआउट किया। इतना ही नहीं जिला परिषद के सभी सदस्य प्रदेश सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए सभागार से बाहर निकले। सभागार परिसर में प्रदेश सरकार की ओर से जिला परिषद के सदस्यों का बजट जारी न किए जाने की सूरत में नारेबाजी की। जिला परिषद अध्यक्षा नीलम व अन्य सदस्यों कृष्ण पाल, सुशील कालिया ने कहा कि जिला परिषद के सदस्यों का केंद्र सरकार की ओर से बजट जारी कर दिया गया है लेकिन प्रदेश सरकार ने जिला परिषद के 2023-24 के 15वें वित्त आयोग के बजट की किस्त जारी नहीं कर रही है। इसके चलते पंचायत में विकास कार्य ठप पड़े हैं। खराब पड़ी सोलर लाइटें आज दिन तक ठीक नहीं हो पाई हैं। सरकार को बने तीन साल होने जा रहे हैं लेकिन अभी तक पंचायत में रास्ते, तालाब, कुएं सहित अन्य विकास कार्य जो जिला परिषद के फंड के तहत किए जाते हैं, वर्तमान में ठप पड़े हैं। जिला परिषद के सदस्यों ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार जिला परिषद के सदस्यों का बजट जारी नहीं कर रही है। शिमला में भी बैठकों के माध्यम से जिला परिषद के सदस्यों का फंड जारी करने की बात की गई तो अधिकारी से लेकर मंत्रीगण तक सीधा जवाब देने के बजाय बात को टालने में लगे हैं। जिला परिषद के सभी सदस्यों ने एक मत में आवाज बुलंद करते हुए एलान किया कि जब तक बजट नहीं आता है, वह जिला परिषद की बैठक में शामिल नहीं होंगे। जिला परिषद के सदस्यों का आरोप है कि अब 2025-26 के लिए भी विकास कार्य को मद्देनजर रखते हुए प्रस्तावित बजट तैयार होना है। जनता के बीच में क्या बात लेकर जाएं।