नारी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल धुसाड़ा और धर्मपुर में बच्चों को नशे के दुष्परिणाम बताए गए। स्रोत व्यक्ति पूर्व प्रवक्ता सतीश शर्मा ने कहा कि हमारा शरीर कुदरत ने बनाया है। इसका पालन पोषण करने और आगे बढ़ाने में भी प्राकृतिक चीजें ही मुख्य भूमिका निभाती हैं। नशे का व्यापार करने वाले और इस्तेमाल करने वाले बच्चों के सामने नशे की तारीफ बार-बार करते हैं और उसे भी लेने पर मजबूर कर देते हैं। 5 या 7 वर्ष बाद आपने माता-पिता का सहारा बनना है। यदि नशा करोगे तो कभी भी आप माता-पिता का ऋण नहीं चुका सकते। धर्मपुर स्कूल के प्रधानाचार्य प्रदीप सैनी ने कहा कि नशे के संबंध में बातों को गांठ बांध लेना चाहिए तथा जितना हो अपने आप को बुरी संगतियों से दूर रखकर ही तरक्की का रास्ता साफ हो सकता है। संवाद