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लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों पर टेट की शर्त थोपना अनुचित : अरुण

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संवाद न्यूज एजेंसी
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थानाकलां (ऊना)। राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद, जिला ऊना के अध्यक्ष अरुण कुमार शास्त्री ने कहा है कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) की शर्त थोपना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि उत्तर प्रदेश की तरह सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर कर पूर्व नियुक्त अध्यापकों को राहत दिलाई जाए। शास्त्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 17 सितंबर 2025 को याचिका दायर कर दी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत 2010 में टीईटी अनिवार्य हुआ, 2014 में प्रमोशन के लिए और 2017 में सेवा में बने रहने के लिए भी। 2025 में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि सभी शिक्षकों को टीईटी पास करना होगा। पांच वर्ष से कम सेवा वाले अध्यापकों को छूट दी गई है। संस्कृत शिक्षक परिषद के महासचिव डॉ. शिव गर्ग ने भी इसे अनुचित बताया और सरकार से अपील की है कि अनुभवी अध्यापकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए तत्काल पुनर्विचार याचिका दायर करें।
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