जोल (ऊना)। ग्राम पंचायत कठोह के गांव ठकां अमरोह में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा महापुराण का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ज्ञान यज्ञ का आयोजन भी रिटायर्ड कर्नल तरसेम राणा के निवास स्थान पर किया गया। श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित रतन शर्मा ने कहा कि बिनु प्रतीति होई नहीं प्रीति अर्थात महात्म्य में ज्ञान के बिना प्रेम चिरंजीवी नहीं होता, अस्थाई हो जाता है। उन्होंने कुंती स्तुति को विस्तार से समझाते हुए परीक्षित जन्म एवं सुखदेव आगमन गोकर्ण की कथा सुनाई। कथा व्यास ने कहा कि भगवान की लीला अपरंपार है। कथा महत्व को समझाते हुए रत्न चंद शर्मा ने कहा कि भागवत कथा में जीवन का सार तत्व मौजूद है। आवश्यकता है निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण की। उन्होंने अच्छे और बुरे कार्यों के बारे में विस्तार से वृतांत समझाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि छल और छलावा ज्यादा दिन नहीं चलता है। निर्मल मन प्रभु स्वीकार्य है। कथा में भजन गीत व संगीत पर श्रद्धालु काफी देर तक झूमते रहे। इस अवसर पर कथा आयोजक रिटायर्ड कर्नल तरसेम राणा, हरपाल सिंह, डॉ. ओम प्रकाश, रमेश चंद्र, रामकिशन सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद