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हरोली उत्सव की पृष्ठभूमि क्या है, बताए सरकार : प्रो. राम कुमार

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देश में शोक के समय मनाया गया उत्सव
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। भाजपा नेता प्रो. रामकुमार ने हरोली उत्सव को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। वीरवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए रामकुमार ने उपमुख्यमंत्री और प्रशासन से पूछा है कि हरोली उत्सव के पीछे पृष्ठभूमि क्या है, यह उत्सव किस लिए मनाया जाता है, यह स्पष्ट किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश शोक मना रहा है, वहीं ऐसे समय में इस प्रकार के आयोजन करना कितना तर्कसंगत है। आरोप लगाते हुए कहा कि जब वर्ष 2012 से लेकर 2017 के बीच हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री थे, उस समय हरोली क्षेत्र में चिट्टा पूरी तरह से फैल गया। ऐसे में सरकार ने उस समय ऐसे कौन से कदम उठाए जिससे हरोली चिट्टे के नरक से बाहर निकल जाए। इसके बाद जब भाजपा सत्ता में आई तो हरोली क्षेत्र में चिट्टे को खत्म करने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया। इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। लेकिन, 2022 में कांग्रेस के सत्ता संभालते ही क्षेत्र में जगह-जगह चिट्टा बिक रहा है। हरोली उत्सव पर सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार इस बात का जवाब दे कि उत्सव के लिए जो भी रुपये खर्च किए गए, वह कहां से आए। हिमाचल और ऊना के कलाकारों को उत्सव में कितने रुपये दिए गए, साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले कलाकारों पर कितना खर्च किया गया, इसका जवाब भी सरकार व प्रशासन को देना चाहिए। आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में आलम यह है कि उपमुख्यमंत्री के घर के पड़ोस में ही चिट्टे का कारोबार चल रहा है। इसे लेकर कई बार अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है लेकिन सभी चुप हैं। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार रात 10:00 बजे के बाद साउंड सिस्टम का प्रयोग वर्जित किया गया है। ऐसे में प्रशासन के सामने रात 12:00 बजे के बाद तक मेले का आयोजन होता रहा।
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