संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष लोकेंद्र चौहान व समस्त जिला अध्यक्षों द्वारा संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि पटवारी कानूनगो संघ के मांगपत्र पर सरकार को रिपोर्ट सौंपी गई है।
इस रिपोर्ट में मिनिस्टीरियल स्टाफ के लिए निर्धारित 20 प्रतिशत कोटे को समाप्त कर पटवारी कानूनगो के लिए निर्धारित 60 प्रतिशत कोटे को बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने की सिफारिश की गई है। महासंघ ने सरकार से अनुरोध किया कि लिपिक वर्ग के पक्ष में पूर्व निर्धारित नायब तहसीलदार के कोटे में किसी प्रकार की कटौती न की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में संघ द्वारा पहले ही सरकार को चार अक्टूबर 2024 को लिखित रूप में ज्ञापन सौंपा जा चुका है।
यदि सरकार लिपिक वर्ग के नायब तहसीलदार के कोटे में कटौती करती है तो यह इस वर्ग के साथ अन्याय होगा, जिसे संघ द्वारा सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि पटवारी कानूनगो संघ के पक्ष में बलवान कमेटी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर निर्णय लेने से पूर्व लिपिकीय वर्ग द्वारा सरकार को सौंप गए मांगपत्र पर विचार करके लिपिकीय वर्ग के हक को कायम रखते हुए आगामी निर्णय लिया जाए।
लोकेंद्र चौहान ने यह भी बताया कि हिमाचल प्रदेश के समस्त उपायुक्त कार्यालयों की स्थापना में कार्यरत समस्त लिपिक वर्गीय कर्मचारियों ने एक आवाज में लिपिकीय वर्ग के नायब तहसीलदार के कोटे को सुरक्षित रखने की सरकार से मांग की है। उन्होंने कहा कि महासंघ सरकार के संज्ञान में लाना चाहता है कि अगर हमारे उपरोक्त निर्धारित कोटे के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की जाती है तो महासंघ पूरे प्रदेश में इसका विरोध करेगा तथा आवश्यकता पड़ी तो इसके विरुद्ध प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा।त