ऊना में प्रैस्वार्ता के दौरान पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए सदर विधायक सतपाल सत्ती।संवाद
- फोटो : बकेवर क्षेत्र में आगरा-कानपुर हाइवे से जाते वाहन।
पुलिस अधिकारियों को एसआईयू में शामिल करने पर उठाए सवाल
बोले- सीएम बताएं किसके इशारे पर हो रहा काम, उपमुख्यमंत्री की भी नहीं सुनते अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सदर विधायक सतपाल सती ने कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्तासीन हुई है, ऊना जिला फिरौतियों के नाम पर बदनाम होकर रह गया है। उन्होंने भाजपा कार्यालय ऊना में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि स्पेशल टास्क फोर्स की टीम ने ऊना जिला के संतोषगढ़ सहित अन्य जगह पर पुलिस के स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट के अधिकारियों के घरों में दबिश दी है। इस मसले समेत अन्य आपराधिक घटनाओं और भ्रष्टाचार की सरकार सीबीआई से जांच करवाए। उन्होंने सवाल खड़े किए हैं कि इनमें से ऐसे अधिकारी भी एसआईयू में शामिल हैं जिनको डीजीपी डिस्क अवार्ड तक दे डाला है। उन्हीं के घरों में अब स्पेशल टास्क फोर्स की टीम दबिश दे रही है। उन्होंने कहा है कि यह सब कुछ किसके इशारे पर हुआ है। किसने इन लोगों का नाम डीजीपी डिस्क अवार्ड के लिए भेजा है। इस मसले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। छापे से पहले ही ऊना जिला के विभिन्न थानों और चौकियों के अधिकारियों के फोन की भी जांच की जाए कि स्पेशल टास्क फोर्स की टीम के पहुंचने से पहले ही इन अधिकारियों को सूचना दे डाली थी। इससे मौके पर टीम को कुछ भी बरामद नहीं हुआ। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के पूर्व विधायक के पीएसओ सहित अन्य जो अधिकारी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट में शामिल किए गए हैं, उनके ऊपर पहले से ही पुलिस विभाग के पास ओडीआई में नाम शामिल है। ऐसे अधिकारियों को एसआईयू में किस के इशारे पर शामिल किया गया है। इस बात का जवाब मुख्यमंत्री या उनके कांग्रेस के नेता दें। उपमुख्यमंत्री मुकेश अभिनेत्री हर मंच से शराब, नशा, खनन, अवैध कटान माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं लेकिन धरातल पर कोई भी अधिकारी उनकी बात को मानने और सुनने के लिए तैयार नहीं है।