संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ऊना के जिलाध्यक्ष दविंदर सिंह, महासचिव शशि सैनी और अन्य पदाधिकारियों ने प्रेस बयान में सरकार और विभाग से मांग रखी कि पाठशालाओं को समायोजित करने के लिए मापदंड विस्तार में स्पष्ट किए जाएं। हाल ही में जारी आदेशों में उन पाठशालाओं का नाम भी समायोजित सूची में है, जिनमें बच्चों की दाखिला संख्या निर्देशों के अनुरूप है। कहा कि सरकार और विभाग से फिर मांग है कि पाठशाला का समायोजन करने से एनरोलमेंट नहीं बढ़ेगा। बल्कि अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। बहुत सी पाठशालाओं की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि उस गांव के बच्चे नजदीक की पाठशाला में न जाकर प्राइवेट स्कूल जाने के लिए मजबूर हो जाएंगे। सरकार पहले उन बच्चों के आने जाने का उचित प्रबंध करे। जैसे कि प्राइवेट स्कूल घर तक बस पहुंचा कर बच्चों को ले जाते हैं। संघ ने यह मांग भी रखी कि अभी तक 10वीं कक्षा का परिणाम भी नहीं आया। अधिकतर परिवार अपनी फसल संभालने में लगे हैं। कई बच्चों का अभी तक दाखिला भी नहीं हुआ होगा। सभी जानते हैं गर्मी में बच्चे जल्द दाखिला नहीं लेते हैं और रिजल्ट आने का इंतजार करते हैं। खास कर आर्ट्स संकाय में जाने वाले बच्चे। इसलिए ऐसे स्कूलों में दाखिला संख्या कम है। 21 अप्रैल तक की एनरोलमेंट के आधार पर पाठशाला को समायोजित करना तर्कसंगत नहीं। पिछले वर्षों में देखा गया कि विभाग ही दाखिला तिथि अगस्त महीने तक बढ़ाता है।