जोल (ऊना)। बाबा बालक नाथ मंदिर कठोह में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को आचार्य शिवकुमार शास्त्री ने गोवर्धन लीला के साथ भगवान श्री कृष्ण के बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाया। भगवान के जन्मोत्सव, नामकरण और पूतना वध के साथ माखन चोरी की लीलाओं का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।कथाव्यास ने बताया कि भगवान ने अपनी लीलाओं से कंस के भेजे विभिन्न राक्षसों का संहार किया। ब्रज के लोगों को आनंद प्रदान किया। उन्होंने कहा कि इंद्र को अपनी सत्ता और शक्ति पर घमंड हो गया था। उसका गर्व दूर करने के लिए भगवान ने ब्रजमंडल में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी। इससे गुस्साए इंद्र ने ब्रजमंडल पर भारी बरसात की। प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। सात दिनों के बाद इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ। कथा के दौरान भगवान गिरिराज पर्वत को उठाते हुए सुंदर झांकी सजाई गई।