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ईश्वर आराधना के साथ अच्छे कर्म मुक्ति का मार्ग : आचार्य

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संवाद न्यूज एजेंसी
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टाहलीवाल (ऊना)। बाबा बालक नाथ मंदिर पातका बाथू में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के तीसरे दिन कथा वाचक आचार्य शिव कुमार विशिष्ट ने जीवन के आदर्शों और आध्यात्मिक मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन में प्रतिदिन जाने-अनजाने पाप होते हैं, जिनका प्रायश्चित करना और ईश्वर आराधना के साथ अच्छे कर्म करना मुक्ति का मार्ग है। उन्होंने श्रद्धालुओं को सत्संग और शास्त्रों में बताए गए आदर्शों का अनुसरण करने का आह्वान किया। सत्संग की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति के जीवन को बदलने की अद्भुत शक्ति रखता है। कथा के दौरान उन्होंने कपिल चरित्र, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र, जड़ भरत चरित्र, नरसिंह अवतार और 12 अवतार जैसे प्रसंगों का वर्णन करते हुए भक्ति, त्याग और वैराग्य का महत्व बताया। कहा कि वैराग्य व्यक्ति को सांसारिक मोह-माया से दूर रखकर उसे ज्ञानी बनाता है। आचार्य ने जीवन में क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा और संग्रह का त्याग कर विवेकपूर्वक श्रेष्ठ कर्म करने का संदेश दिया। उन्होंने ईश्वर के नाम का स्मरण, भागवत कीर्तन और ज्ञानी पुरुषों के साथ सत्संग को जीवन को सार्थक बनाने का साधन बताया।
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