गगरेट (ऊना)। क्षेत्र के आर्मी मैदान में आयोजित रामलीला के छठे दिन लक्ष्मण-परशुराम संवाद, कैकेयी-मंथरा प्रसंग और भगवान श्रीराम के वनवास का प्रभावशाली मंचन किया गया। वृंदावन-मथुरा से आए गिरिराज आदर्श रामलीला संस्थान के कलाकारों ने दमदार संवाद और भावपूर्ण अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिव धनुष भंग होने के बाद क्रोधित परशुराम जनक दरबार में पहुंचे और लक्ष्मण के साथ हुए तीखे संवाद ने पंडाल में रोमांच भर दिया। लक्ष्मण के निर्भीक उत्तरों और परशुराम के ओजस्वी व्यक्तित्व को कलाकारों ने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। दर्शकों ने संवाद अदायगी और अभिनय की खूब सराहना की। इसके बाद कैकेयी-मंथरा प्रसंग ने माहौल को भावुक कर दिया। मंथरा द्वारा कैकेयी को वरदान मांगने के लिए उकसाने और श्रीराम को 14 वर्षो का वनवास मिलने की कथा का मार्मिक मंचन किया गया। श्रीराम का राजसुख त्यागना, माता सीता और लक्ष्मण का उनके साथ वन जाने का निर्णय तथा पिता के वचन को सर्वोपरि मानने का प्रसंग देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गईं।