ऊना। प्राइमो केमिकल्स और एनएफएल से संभावित प्रदूषण तथा जहरीली गैसों के खतरे को लेकर पंजाब से सटे ऊना के चार गांवों के पंचायत प्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों ने उपायुक्त ऊना से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने करीब 700 एकड़ कृषि भूमि, जलस्रोतों और एक निजी स्कूल की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से आवश्यक जांच और कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर ग्राम पंचायत मलूकपुर के प्रधान बलविंदर सिंह, मजारा पंचायत के प्रधान अमरिंदर सिंह, बीडीसी सदस्य रणजीत सिंह, बिनेवाल की प्रधान मनदीप कौर, उपप्रधान सुरजन सिंह, त्रिलोक सिंह, गुरमुख सिंह, बलवंत सिंह, रणजीत सिंह मलूकपुर, बलविंदर सिंह संधू, लखवीर सिंह और पूर्व प्रधान देसराज सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि प्राइमो केमिकल्स में क्लोरीन और एनएफएल में अमोनिया जैसी खतरनाक गैसों के भंडारण व उपयोग को देखते हुए आसपास के गांवों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है। उन्होंने उद्योगों से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट और अपशिष्ट जल से कृषि भूमि तथा सिंचाई के पानी पर संभावित प्रभाव की जांच करवाने का आग्रह किया। मलूकपुर के प्रधान बलविंदर सिंह ने कहा कि प्राइमो केमिकल्स से लगभग 250 मीटर की दूरी पर स्थित एक निजी स्कूल की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। उन्होंने बताया कि स्कूल में काफी संख्या में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में गैस रिसाव अथवा औद्योगिक दुर्घटना की स्थिति से निपटने के लिए स्कूल में आपातकालीन निकासी योजना, सुरक्षित एकत्रीकरण स्थल, चेतावनी प्रणाली और आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों की जांच करवाने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने प्राइमो केमिकल्स में क्लोरीन और एनएफएल में अमोनिया के स्वीकृत भंडारण की मात्रा, दोनों उद्योगों की जोखिम मूल्यांकन रिपोर्ट तथा आपातकालीन योजनाओं की समीक्षा करवाने का आग्रह किया। साथ ही, गांवों और स्कूल के आसपास वायु गुणवत्ता, जहरीली गैसों और जलस्रोतों की नियमित निगरानी की मांग रखी। ग्रामीणों ने उपायुक्त की अध्यक्षता में प्राइमो केमिकल्स, एनएफएल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल शक्ति विभाग, कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाने की मांग की ताकि ग्रामीणों की शिकायतों पर तथ्यात्मक जांच करवाकर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।