घनारी (ऊना)। भाजपा के प्रदेश सचिव एवं गगरेट के पूर्व विधायक राजेश ठाकुर ने बताया कि विधायक कार्यकाल के दौरान उन्होंने लावारिस गोधन के मुद्दे को सदन में उठाया था। इसके बाद सरकार ने कांगड़ा जिले में लावारिस गोधन और वन्य जीवों के लिए एक सेंचुरी स्थापित की थी। वर्तमान सरकार उस सेंचुरी को सुचारु चला नहीं रही है। उन्होंने कांगड़ा जिले के डमटाल में स्वयं गोशालाएं स्थापित की हैं, जो सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। उन्होंने ऊना जिले और गगरेट के किसानों से अपील करते हुए कहा कि जो भी लावारिस गोधन सड़कों पर भटक रहा है और अमानवीय अत्याचार सहन कर रहा है, उसे उनकी गोशालाओं में पहुंचाया जाए। मैं स्वयं इन्हें संचालित करता हूं। क्षेत्र के लोगों से आग्रह किया कि जितना अधिक लावारिस गोधन उनकी गोशालाओं में भेजा जा सकता है, भेजें। राजेश ठाकुर ने विशेष बातचीत में अमर उजाला फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे गोमाता संरक्षण के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने अन्य सामाजिक संगठनों से भी अनुरोध किया कि वे गोधन की देखभाल के लिए आगे आएं, जिससे लावारिस पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिल सके। संवाद