कुटलैहड़ के जंगलों में लगी आग से उठता धुंआ।संवाद
बंगाणा (ऊना)। गर्मियां शुरू होते ही कुछ शरारती तत्वों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर जंगलों को जलाया जा रहा है, जिसमें करोड़ों रुपये की वन संपदा जलकर राख हो रही है। वहीं, अनगिनत जीव-जंतु, पशु-पक्षी इस आग की चपेट में आने से झुलस रहे हैं। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में भी पिछले लगभग एक सप्ताह से जंगलों की आग ने कहर मचाया हुआ है। इससे कुटलैहड़ के जंगलों में भड़की आग से अब आबादी क्षेत्रों में लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। बुजुर्गों एवं छोटे बच्चों को सांस लेने में काफी दिक्कतें हो रही हैं।
स्थानीय बाशिंदों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है और आरोप लगाया है कि समय रहते जंगलों की आग नहीं बुझ पा रही है, जिससे समस्याएं दिनोंदिन बढ़ती जा रही हैं। वहीं, क्षेत्र में दिन-रात जल रहे जंगलों की लपटों के धुएं से बीमार बुजुर्ग तथा छोटे-छोटे बच्चों को सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसमें बीमार लोगों को ज्यादा दिक्कत आ रही है। उन लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत आ रही है, जिन्हें हार्ट या सांस लेने में दिक्कत है। कुछ लोग गर्मी सहन कर रहे हैं, परन्तु पंखे नहीं चला पा रहे हैं, क्योंकि पंखा चलते ही बाहर का सारा धुआं कमरे में घुस रहा है। स्कूली बच्चे भी मुंह लपेटकर स्कूल आ-जा रहे हैं।
एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल का कहना है कि कुटलैहड़ के जंगलों में भड़की आग से लोगों को परेशानियां पेश आ रही हैं। बुजुर्गों एवं छोटे बच्चों को सांस लेने में दिक्कतें आ रही हैं। इस दिशा में जल्द ही उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने विभाग और ग्रामीणों को जंगलों की आग बुझाने के लिए आपस में सहयोग करने की अपील की है।