आबकारी विभाग ने शनिवार देर शाम मैहतपुर में चेकिंग के दौरान निगम की दो अलग-अलग रूट की बसों में हिमाचल के प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी और चिंतपूर्णी के लिए बिना बिल भेजी गई मैटल की सैकड़ों की मूर्तियां बरामद की हैं, जो अलीगढ़ से भेजी गई थीं। एक अन्य बस में चाइना का निर्मित इलेक्ट्रॉनिक सामान भी पकड़ा गया है, जो बिना बिल और बिना मालिक के बस में ले जाया जा रहा था। पकड़े गए माल की कीमत लाखों में बताई जा रही है। इस पर विभागीय अधिकारियों ने लगभग 45 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया है। हिमाचल परिवहन निगम की बसों को तस्करों ने बिना बिल के हिमाचल में सामान सप्लाई करने का जरिया बना लिया है, यही वजह है कि आए दिन निगम की बसों से आबकारी एवं कराधान विभाग की मुस्तैदी के चलते बड़ी मात्रा में बिना बिल के सामान की खेप बरामद हो रही है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि त्योहारी सीजन के दौरान तो बाहरी राज्यों से बिना बिल के सामान की आमद बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। तस्कर सामान के नग तैयार कर बसों में टिकट कटवाकर रख देते हैं, बस का रूट एवं नंबर की सूचना सामान हासिल करने वाले तक पहुंच जाती है। कई दफा तो सामान ज्यादा होने के बावजूद बिलों में कम दर्शाया जाता है, ताकि उसकी एक्साइज ड्यूटी ज्यादा न बन सके। ईटीओ संजय शर्मा, एईटीओ वीरेंद्र कुमार, निरीक्षक अनिल कुमार की टीम ने बसों से मूर्तियों को बरामद कर उन पर 30 हजार का जुर्माना तथा चाइना के इलेक्ट्रॉनिक सामान पर 15 हजार का जुर्माना वसूला है। कुल मिला कर 45 हजार का जुर्माना वसूला गया है। इससे कुछ दिन पूर्व ही ईटीओ सुखदेव शर्मा, मदन लाल, पवन कुमार और कर्मी जगदीश कुमार की टीम ने ऐसे ही बिना बिल के सामान पर 2 लाख 70 हजार रुपये का जुर्माना वसूला था। आबकारी एवं कराधान विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. राजीव डोगरा ने कहा कि विभाग की टीमें पूरी तरह से मुस्तैद हैं, लिहाजा बाहरी राज्यों से बिना बिल के सामान को किसी भी सूरत में नहीं पहुंचने दिया जा रहा है। विभाग ने बसों की नियमित चेकिंग बढ़ा दी है।