ऊना। खाद के संकट से बचने के लिए इफको ने पहले ही नई खेप मंगवा ली है। आलू की बिजाई से पहले खाद की नई खेप गोदामों तक पहुंच जाएगी। इसके लिए चंडीगढ़ और होशियारपुर में मालगाड़ी के जरिए खाद भेजी जाएगी।
जहां से खाद की सप्लाई प्रदेश भर के विभिन्न गोदामों में आवश्यकता अनुसार होगी। अगस्त माह के अंतिम दिनों और सितंबर की शुरुआत में आलू की बिजाई होती है। इसके लिए 12-32-16 और डीएपी की काफी मांग रहती है। जानकारी के अनुसार होशियारपुर में 1408 मीट्रिक टन 12-32-16 खाद की खेप जारी होगी। यह खेप मालगाड़ी के जरिए बुधवार तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, चंडीगढ़ में भी 1024 मीट्रिक टन 12-32-16 खाद आएगी। इसके अलावा 256 मीट्रिक टन डाई अमोनियम फ़ॉस्फ़ेट (डीएपी) भी जारी होगी। ध्यान रहे कि होशियारपुर आने वाली खाद को ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा और बिलासपुर में सप्लाई किया जाता है। वहीं, चंडीगढ़ पहुंचने वाली खाद की खेप को शिमला, कुल्लू, मंडी सहित अन्य पहाड़ी जिलों में भेजा जाता है। हालांकि इसमें यह ध्यान रखा जाता है कि खाद की अधिक मांग कहां है।
बिजाई से पहले होता है छिड़काव
आलू की बिजाई से पहले 12-32-16 खाद का छिड़काव खेत में किया जाता है। यह बीच को अच्छे से अंकुरित करने और कई पोषक तत्वों की भरपाई के लिए काफी लाभकारी मानी जाती है। इसके अलावा डीएपी पौधों में नाइट्रोजन और फास्फोरस की कमी को पूरा करता है। यही कारण है कि आलू की बिजाई से पहले इन दोनों खाद की काफी खरीद होती है।
कोट्स
किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए इफको ने खाद की नई खेप मंगवाई है। दो से तीन दिन में यह गोदामों में किसानों के लिए उपलब्ध होगी। अगर कहीं इस समय खाद की कमी है तो किसान चिंतित न हों। बिजाई से पहले पर्याप्त मात्रा में खाद उनके लिए उपलब्ध होगी।
भुवनेश पठानिया, राज्य विपणन प्रबंधक, इफको