अराजपत्रित महासंघ ने मनाया 59वां स्थापना दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। गुटबाजी में बंटा संगठन न तो मजबूत और न कर्मचारी हितैषी है। यह बात हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला ऊना के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तारा सिंह ने बुधवार को महासंघ के 59वें स्थापना दिवस पर ऊना के परिधि गृह में आयोजित जिलास्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कही। कार्यक्रम में जिला मुख्यालय के अलावा खंडस्तरीय कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। तारा सिंह ने कहा कि कर्मचारी महासंघ की स्थापना 20 नवंबर 1966 को हुई। इसका उद्देश्य प्रदेश के कर्मचारियों को एक मंच पर संगठित करना रहा। इसके माध्यम से कर्मचारियों के हित में सरकार के समक्ष उनकी समस्याओं और मांगों को दृढ़ता से उठाया जा सके। लेकिन, यह खेद का विषय भी है और आत्ममंथन का भी कि कुछ कर्मचारी नेताओं ने निजी स्वार्थ के चलते अपने-अपने समानांतर कर्मचारी गुट बना लिए हैं। इसकी वजह से कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी हो रही है। गुटबाजी के चलते जेसीसी की बैठकें समय पर आयोजित नहीं हो पाती। संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिला ऊना का इतिहास रहा है कि यहां कभी भी समानांतर कर्मचारी गुटबाजी खड़ी नहीं हुई। कर्मचारियों के हितों को लेकर सीधी आवाज बुलंद हुई है। महासंघ के पूर्व में रहे जिला के प्रतिष्ठित कर्मचारी नेताओं के संघर्ष और बलिदान का भी जिक्र किया गया। इसके जिला में कर्मचारियों को आ रही दिक्कतों और उनके निदान के लिए सरकार के समक्ष मुद्दों को उठाने पर भी चर्चा की गई। प्रतिनिधियों में महासचिव राजेश कुमार, पूर्व प्रधान एवं राज्य प्रतिनिधि रमेश ठाकुर व राजीव पाठक, महासंघ के खंड हरोली के प्रधान हरजिंद्र सिंह, कानूनी सलाहकार मंजीत सिंह, संयुक्त सचिव भरत भूषण सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। संवाद