ऊना। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश में कृषि क्षेत्र को तकनीक से सशक्त बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में एग्रीस्टैक परियोजना के तहत जिला ऊना के 43,822 किसान डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं। डिजिटल रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को एकीकृत डिजिटल पहचान मिल रही है, जिससे सरकारी योजनाओं और कृषि सेवाओं का लाभ अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। उपनिदेशक कृषि ऊना डॉ. प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि एग्रीस्टैक के तहत किसान की पहचान, भूमि रिकॉर्ड, फसल विवरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। प्रत्येक पंजीकृत किसान को आधार आधारित 11 अंकों की विशिष्ट यूनीक फार्मर आईडी प्रदान की जाएगी, जो भविष्य में विभिन्न कृषि सेवाओं, दस्तावेजों के सत्यापन और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में उपयोगी होगी। डॉ. प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले में खरीफ फसल का डिजिटल क्रॉप सर्वे भी तेजी से किया जा रहा है। जिन किसानों का अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है, वे अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र अथवा एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से निशुल्क पंजीकरण करवा सकते हैं। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, भूमि का कोई भी खसरा नंबर तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर आवश्यक है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव अभियान चलाया जा रहा है। 30 सितंबर तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 67 किसान रजिस्ट्री शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां किसानों को मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने जिले के सभी पात्र किसानों से अपील की है कि वे समय रहते एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं।