रामपुर और टकारला अनाज मंडी में महज अभी तक 15 किसानों ने कराया पंजीकरण
ऑनलाइन पोर्टल की औपचारिकताएं ज्यादा होने के चलते पचड़े में नहीं पड़ रहे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला की अनाज मंडी किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है। इसके चलते ऊना जिला के किसान गेहूं की फसल अनाज मंडी में लाने की बजाय अब सीधा खेतों से ही आढ़तियों को बेच रहे हैं। रामपुर और टकारला अनाज मंडी में गेहूं को खेतों से लाने के लिए माल भाड़े का खर्चा भी किसानों को ही चुकता करना पड़ता है। इसके अलावा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से तमाम तरह की औपचारिकताएं पूरी करने के झंझट में किसान नहीं फंसना चाहते हैं।
ऑनलाइन पोर्टल में तमाम तरह की औपचारिकों में ऑनलाइन अप्लाई करने से लेकर आधार कार्ड सहित अन्य जमीन का पूरा ब्यौरा भी देना पड़ता है। इसके चलते किसान इतने लंबे पचड़े में नहीं पड़ना चाहते हैं और सीधे तौर पर खेतों से ही गेहूं आढ़तियों को बेच रहे हैं। इससे एक तो किसानों के समय की बचत हो रही है, तो वहीं दूसरी ओर किसानों को खेतों में ही गेहूं के हाथों-हाथ दाम मिल रहे हैं, जो कि सरकार ने 2275 प्रति क्विंटल के हिसाब से दाम फिक्स किए हैं। वहीं, अभी तक ऊना जिले की अनाज मंडी रामपुर और टकारला में महज 15 किसानों ने ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से गेहूं की फसल की बिक्री करने के लिए अप्लाई किया है। एपीएमसी ऊना के अधीन 35 आढ़ती पंजीकृत हैं, जो कि फल सब्जी सहित अन्य का कारोबार एपीएमसी के यार्ड में करते हैं। किसानों का तर्क है कि आढ़ती उनकी गेहूं की फसल खेतों से ही सीधे तौर पर उठाकर ले जाते हैं और सरकार के किसी भी पचड़े में नहीं पड़ना चाहते हैं।
इसके अलावा उन्हें अनाज मंडी में जो दाम मिल रहे हैं, वही दाम किसानों को खेतों में ही गेहूं की फसल की बिक्री के आढ़तियों से हाथों-हाथ मिल रहे हैं। इसके चलते किसान ऑनलाइन पोर्टल के झंझट में नहीं फंसना चाहते हैं और ऊपर से ऑनलाइन पोर्टल में बुकिंग करवाने के बाद टोकन और गेहूं की ग्रेडिंग सहित अन्य तमाम तरह के पहलुओं को मद्देनजर रखते ही अनाज मंडी में किसान अपनी गेहूं की फसल को ला सकते हैं और इस दौर में किसान इतने व्यस्त हैं कि वह इतनी लंबी प्रक्रिया में नहीं पड़ना चाहते हैं और किसान खेतों से ही सीधे तौर पर आढ़तियों को गेहूं की फसल बेच रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से तमाम तरह की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी किसानों को हाथों-हाथ पैसे नहीं मिलते हैं, इसलिए किसान अनाज मंडी और सरकार की ऑनलाइन पोर्टल की प्रक्रिया के झंझट में नहीं पडना चाहते हैं।
उधर, एपीएमसी ऊना के सचिव भूपेंद्र सिंह का कहना है कि अनाज मंडी टकारला और रामपुर में अभी तक 15 के तकरीबन किसानों ने ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अप्लाई किया है। इस बार सरकार ने 2275 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं के दाम तय किए है और इसी के हिसाब से ही गेहूं की फसल किसानों से खरीद रहे हैं।