ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत वीरवार को जिलास्तरीय जागरुकता शिविर आयोजित हुआ। शिविर का उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करना था। जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी गोपाल कृष्ण ने बताया कि नेत्रदान मृत्यु के छह घंटे के भीतर किया जा सकता है और इससे केवल कॉर्निया ही नेत्रहीनों को मिल पाता है। किसी भी उम्र, लिंग या ब्लड ग्रुप का व्यक्ति नेत्रदान कर सकता है। नेत्र निकालने में 10-15 मिनट का समय लगता है तथा इससे चेहरे पर कोई निशान नहीं पड़ता। मृत्यु के बाद नेत्रदाता की आंखों को बंद कर, सिर को ऊंचा रखकर व आंखों पर गीला कपड़ा या बर्फ रखने की सलाह दी गई। बीसीसी समन्वयक कंचन माला ने कहा कि पंजीकरण करवाने वाला व्यक्ति अपने परिजनों व परिचितों को इसकी जानकारी अवश्य दे, ताकि मृत्यु उपरांत संकल्प पूरा हो सके। कार्यक्रम में नर्सिंग छात्राओं के बीच भाषण व पोस्टर प्रतियोगिता करवाई गई तथा प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। अंत में सभी को नेत्रदान की शपथ भी दिलाई गई। इस मौके पर 100 से अधिक लोग मौजूद रहे।