ऊना। बसोली ग्राम पंचायत के तहत बनी मस्जिद के विवाद को लेकर स्थानीय लोगों का प्रतिनिधिमंडल एक बार फिर प्रशासन के समक्ष पहुंचा। मामले में सात दिन के बाद मस्जिद ढांचे को गिराने का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद कोई कार्रवाई प्रशासन ने अमल में नहीं लाई।
इसके बाद शुक्रवार को फिर से ग्रामीणों ने उपायुक्त कार्यालय का दरबाजा खटखटाया है। उधर, एसडीएम विश्व मोहन देव चौहान ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि मामले को लेकर प्रशासनिक जांच शुरू हो चुकी है। कानून के अनुसार उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बसोलीवासियों के प्रतिनिधिमंडल की अगुआई करते हुए पूर्व सैनिक जोगिंद्र सिंह बिंद्रा ने कहा कि उनकी पंचायत क्षेत्र में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है। फिर इस जगह पर मस्जिद का निर्माण किस उद्देश्य से किया गया, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। उक्त जगह पर बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के आने-जाने का काम भी शुरू हो चुका है।
इसके चलते प्रशासन को कोई भी अप्रिय घटना होने से पहले ही स्थिति को संभालना चाहिए। इस ढांचे को तुरंत गिराया जाए। एक अन्य पूर्व सैनिक व बसोली के ग्रामीण अनिल कुमार ने कहा कि इस प्रकार की घुसपैठ करने की कई सारी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। यहां पहले मस्जिदों का निर्माण किया जाता है और फिर बाहर से लाकर लोगों को आसपास के क्षेत्र में बसा दिया जाता है। मुस्लिम समाज को भी अब एक शिक्षित समाज में आना चाहिए। मदरसे आदि की शिक्षा को छोड़कर समाज की मुख्य धारा में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ना चाहिए। यदि उनके गांव में कोई भी मुस्लिम परिवार होता तो वह कभी भी इस मस्जिद का विरोध नहीं करते। संवाद