संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। हरोटी ओयल स्थित साईं मंदिर में साईं दिनेश के सानिध्य में सात दिवसीय शिव पुराण कथा भक्ति और श्रद्धा के वातावरण में जारी है। कथा के सातवें दिन प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य गणेश दत्त शास्त्री ने भगवान गणेश और कार्तिकेय के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि माता पार्वती ने अपने उबटन से गणेश जी की रचना कर द्वारपाल बनाया, किंतु अज्ञानवश भगवान शिव ने उनका मस्तक काट दिया। देवताओं के परामर्श से हाथी का मस्तक लगाकर उन्हें पुनर्जीवन मिला और इसी कारण गणेश जी को प्रथम पूज्य होने का वरदान मिला। आचार्य शास्त्री ने भगवान कार्तिकेय के जन्म और पालन-पोषण का वर्णन भी किया। उन्होंने बताया कि कार्तिकेय ने असुर तारकासुर का वध कर देवताओं को भयमुक्त किया, जिससे धर्म, शौर्य और सत्य की विजय का संदेश मिलता है। कथा के दौरान भजनों और मंत्रोच्चारण से मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान कर धर्म लाभ प्राप्त किया।