ऊना। गगरेट में प्रतिबंधित दवाइयों की बड़ी खेप पकड़ने के बाद हंडोला में बरामद हुई प्रतिबंधित दवाइयों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब दो साल पहले गगरेट में पकड़ी गई प्रतिबंधित दवाइयों की खेप के साथ अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद यह लगा रहा था कि युवाओं को मौत के मुंह में धकेल रहा गिरोह अब सलाखों के पीछे चला गया है। अब ऐसा प्रतीत हो रहा कि नशे का काला कारोबार करने वालों की अभी तक पूरी तरह से सफाई नहीं हुई है। स्टेट सीआईडी की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने गगरेट में प्रतिबंधित दवाओं का बड़ा जखीरा पकड़ा था। इसके बाद एक और कंसाइनमेंट पकड़ी गई। इस प्रकरण में स्टेट सीआईडी की एसआईटी का सारा ध्यान बेशक नशीली दवाओं के सौदागरों के मददगारों पर तो रहा लेकिन जांच की सारी सुई महज पुलिस की ओर ही घूमी। इस कारोबार को कोई और नशे का सौदागर आगे बढ़ सकता है जो अभी रडार पर नहीं आ रहा। हंडोला में भी पुलिस ने लावारिस अवस्था में प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा पकड़ा है जिससे जाहिर होता है कि अभी भी नशीली दवाओं का कारोबार करने वाले जिले में सक्रिय हैं। बेशक उन्होंने अब कारोबार के तौर-तरीके बदल लिए हैं। पुलिस अधीक्षक अमित यादव ने बताया कि पुलिस की टीम अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार सक्रिय है। इसमें शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।