थानाकलां (ऊना)। उपमंडल बंगाणा के गांव हथलौण निवासी डॉ. अनिल कुमार ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। डॉ. अनिल कुमार ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के बायोसाइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग से बायोटेक्नोलॉजी में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। इसके बाद उनका चयन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद पुणे, महाराष्ट्र में रिसर्च साइंटिस्ट के पद पर हुआ है। डॉ. अनिल कुमार आईसीएमआर पुणे में बायोइन्फॉर्मेटिक्स के क्षेत्र में उन्नत अनुसंधान से जुड़े कार्य करेंगे। डॉ. अनिल की इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव हथलौण सहित पूरे बंगाणा क्षेत्र में खुशी है। ग्रामीणों ने कहा कि सीमित ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी रुड़की से उच्च शिक्षा प्राप्त करना और इसके बाद आईसीएमआर जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में वैज्ञानिक के रूप में कार्य करना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। डॉ. अनिल कुमार के पिता भारतीय सेना से जूनियर कमीशंड ऑफिसर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने अपने बेटे की सफलता का श्रेय उसकी मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन को दिया।