थानाकलां (ऊना)। विकास खंड बंगाणा की ग्राम पंचायत मकरैड़ स्थित प्राचीन बाबा सिद्ध राजा भरथरी नाथ मंदिर में ध्वज चढ़ाने और मंदिर प्रबंधन को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है। अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के लोगों को कथित तौर पर ध्वज चढ़ाने से रोका जा रहा है। अनुसूचित जाति समुदाय के ग्रामीणों ने जिला दंडाधिकारी ऊना जतिन लाल को आवेदन सौंपकर मंदिर में सभी समुदायों की समान भागीदारी सुनिश्चित करने और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीण महेंद्र सिंह, जोगेंद्र, बंसी लाल और प्रकाश चंद ने बताया कि मंदिर में पंजाब, हरियाणा सहित हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। उनका कहना है कि मंदिर में ध्वज चढ़ाने को लेकर सभी समुदायों को समान अवसर मिलना चाहिए। मंदिर प्रबंधन और कथित प्रथाओं को लेकर पहले भी प्रशासन के समक्ष शिकायतें की जा चुकी हैं। 16 अगस्त 2024 को दिए गए आवेदन के बाद एसडीएम बंगाणा की अध्यक्षता में मंदिर परिसर में प्रशासन, मंदिर प्रबंधन और ग्रामीणों की बैठक हुई थी। ग्रामीणों के अनुसार बैठक में एससी समुदाय द्वारा ध्वज चढ़ाने की परंपरा जारी रखने तथा मंदिर में प्रवेश पर किसी प्रकार की सामाजिक अथवा कानूनी रोक नहीं होने पर सहमति बनी थी। साथ ही मंदिर के नियंत्रण एवं प्रबंधन के लिए नई समिति गठित करने और उसमें एससी समुदाय को जनसंख्या के आधार पर उचित प्रतिनिधित्व देने की बात कही गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि इन निर्णयों को अभी तक प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई 2025 को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष भी शिकायत दर्ज करवाई गई थी। आयोग के निर्देश पर एसडीएम बंगाणा ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार विवाद का अभी तक संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मंदिर प्रबंधन में सभी समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित होने तक किसी निजी व्यक्ति अथवा अपंजीकृत समिति के नियंत्रण पर रोक लगाई जाए तथा मंदिर की चाबियां और नियंत्रण तहसीलदार बंगाणा या बीडीओ बंगाणा के अधीन रखा जाए। उन्होंने संविधान में प्रदत्त समानता के अधिकार के तहत निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल ने कहा कि मामले पर संज्ञान लिया जाएगा।