क्षेत्रीय अस्पताल की ओपीडी के बाहर उपचार के लिए बारी का इंतजार मरीज
ऊना। बरसात के दस्तक देते ही ऊना जिले में डायरिया के मामलों में भी इजाफा होने लगा है। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में शुक्रवार को ओपीडी में 20 से अधिक डायरिया के प्रकोप से संक्रमित मरीज उपचार के लिए पहुंचे। अस्पताल ऊना में शुक्रवार को 700 के करीब ओपीडी दर्ज की गई है।
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर संजय मनकोटिया के अनुसार बरसात के दिनों में डायरिया के मामलों में इजाफा रहता है। शुरुआती दौर में काफी केस दर्ज किए गए थे। अब धीरे-धीरे यह ग्राफ रोजाना 20 तक पहुंच रहा है। उन्होंने इस दौरान आम जनता से आह्वान किया है कि बरसात के मौसम में अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें और घर में ही पका हुआ खाना खाएं। इसके अलावा उबला हुआ पानी पीएं और हाथ धोकर ही खाने पीने की चीजों को परोसा जाए, तो डायरिया के प्रकोप से बचा जा सकता है।
शुक्रवार को उल्टी-दस्त के 20 के मरीज उपचारित हैं। वहीं हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 40, दवा रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 150 से अधिक और आंख रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 50 के तकरीबन मरीज विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त होने की सूरत में उपचार के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि विशेष तौर पर बरसात के मौसम में शुक्रवार को सर्दी खांसी बुखार से भी ग्रसित 50 के करीब मरीज उपचार लेने पहुंचे हैं। उन्होंने आम जनता से बरसात के मौसम में ऐतिहातन के तौर पर सावधानी बरतने का आह्वान किया है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विकास के अनुसार उल्टी-दस्त के 20 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचे हैं। डायरिया का ग्राफ शुरुआती दौर में काफी बड़ा था। 50 के करीब केस हर रोज पहुंच रहे थे। धीरे-धीरे अब यह ग्राफ 20 पर आकर पहुंच गया है, तो वहीं दूसरी ओर सर्दी खांसी और बुखार के भी 50 के मरीज पंजीकृत हुए हैं। उन्होंने लोगों को बरसात के मौसम में जागरूक रहने और साफ-सुथरा खाना खाने और उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी है।