ऊना। डीआरडीए सभागार में वीरवार को सुबह 10:30 बजे से ऊना खंड के डिपो संचालकों के लिए पीओएस मशीनों पर सर्वर एवं आधार ओटीपी, बायोमीट्रिक संबंधित समस्याओं को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुए कार्यक्रम में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ऊना की निरीक्षक रजनी कालिया और ऊना खंड के करीब 65 डिपो संचालकों ने भाग लिया।
संचालकों ने विभागीय इकाई के अधिकारियों समक्ष समस्याएं रखीं और सही रूप से पीओएस मशीनों के संचालन संबंधी गुर हासिल किए। डिपार्टमेंट ऑफ डिजिटल टेक्नाेलाॅजी एंड गर्वनेंस एवं डिपार्टमेंट ऑफ डिजिटल टेक्नोलाॅजीस एवं फूड, सिविल, सप्लाईस और उपभोक्ता मामलों के संयुक्त तत्वाधान में हुए कार्यक्रम में यूआईडीएआई की ओर से प्रशिक्षक कुलदीप शर्मा ने विभिन्न समस्याओं के संबंध में समाधान बताया। 11 बजे के करीब विभिन्न जिलों से जुड़े डिपो संचालकों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से बाते रखीं। इस बीच अन्य जिला से जुड़े संचालकों ने कहा कि पीओएस मशीन सर्वर डाउन के कारण अकसर खराब रहती है, अगर ओटीपी आ जाए तो इसमें भरने पर यह फेल हो जाता है। राशन न मिलने पर उपभोक्ता इन मशीनों को बाहर फेंकने तक की बात कह देते हैं।
मशीन पर 444 और 414 का एरर : मुकेश शर्मा
ऊना के भड़ौलियां खुर्द से डिपो संचालक मुकेश कुमार शर्मा ने कहा कि मशीन पर 444 व 414 एरर आ रहा है। 1967 पर काल करें तो कोई उठाता नहीं है। ओटीपी उपभोक्ता को भेजने पर तीन तीन घंटे तक नहीं आता। निसंदेह ऑनलाइन सिस्टम अच्छा है, ऐसी व्यवस्था से डिपो संचालक परेशानियों से गुजर रहे हैं। 85 के करीब वयोवृद्धों के बायोमीट्रिक अपडेट कराने पर भी दिक्कत है। अन्य संचालक ने मशीन पर सिग्नल होने, आधार सर्वर डाउन और चलने संबंधी सही जानकारी के लिए कोई माध्यम स्थापित करने की मांग की।
वहीं, करीब 12 बजे प्रशिक्षक ने वृद्धों के बायोमीट्रिक अपडेट करवाने, समस्या के संबंध में स्थानीय विभाग को सूचित करने सहित ओटीपी संबंधित अन्य बिंदुओं को नोट किया। जल्द समाधान की बात कही। उन्होंने आश्वस्त किया कि डिपो संचालकों की समस्याओं के निदान के लिए विभाग ने एक और एजेंसी अधिकृत की है, ताकि उनकी समस्या को त्वरित समाधान मिल सके।
डिपो संचालकों ने समाधान के लिए ये बिंदू बताए
डिपो संचालकों में मुकेश कुमार, योगेश पुरी, तिलक राज मेहरा, सागर पूरी, ब्रिज लाल गौतम, पुष्पा शर्मा आदि ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में पीओएस सिस्टम में पूर्व की तरह राशन कार्ड स्कैनिंग, ओटीपी एवं फिंगर प्रिंट होने से समस्या के समाधान बुजुर्गों को घर-द्वार आधार अपडेट करने की सुविधा और क्यूआर कोड के माध्यम से राशन देने की सुविधा प्रदान करने की मांग रखी गई।