ऊना। उपायुक्त जतिन लाल ने डेयरी फार्मिंग उत्कृष्टता केंद्र बसाल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इससे पहले उपायुक्त ने बसाल में एक पौधा मां के नाम अभियान का शुभारंभ किया।
उपायुक्त ने बताया कि बसाल में 44 करोड़ रूपये की लागत से डेयरी फार्मिंग उत्कृष्टता केंद्र 250 कनाल भूमि पर बनाया जाएगा। इस फार्मिंग केंद्र में 400 धुधारू पशु और 200 बछडियां भी रखी जाएंगी। इसके अलावा 200 छोटे बच्चों को भी रखने का प्रावधान किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि साढे़ 3 करोड़ रुपये की लागत से डेयरी फार्मिंग उत्कृष्टता केंद्र बसाल की 1500 मीटर चाहरदीवारी का कार्य किया जा चुका है। डेयरी फार्मिंग उत्कृष्टता केंद्र बसाल पूरी तरह विदेशी तकनीकी और अत्याधुनिक मशीनों से लैस होगा। इनमें रोबॉटिक सिस्टम के जरिए पशु के रख-रखाव और उनकी स्वास्थ्य जांच की जाएगी। इसके अलावा डेयरी फार्मिंग उत्कृष्टता केंद्र बसाल में 100 पशुपालकों के लिए एक प्रशिक्षण केंद्र भी बनाया जाएगा, जिसमें पशुपालकों के रहन-सहन की व्यवस्था भी की जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि डेयरी फार्मिंग उत्कृष्टता केंद्र बसाल की टेंडर प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया गया है और जल्द ही इस सेंटर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इस मौके पर पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक राकेश भट्टी, बीडीओ केएल वर्मा, एसआईडीसी के एक्सिन सुरेंद्र कतना, बसाल के प्रधान नरेश कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
गैर आवासीय विशेष प्रशिक्षण केंद्र बसाल का भी किया दौरा
इसके अलावा उपायुक्त ने गैर अवासीय विशेष प्रशिक्षण केंद्र बसाल का दौरा भी किया। इस केंद्र में प्रवासी मजदूरों के लगभग 50 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र की व्यवस्थाओं को जांचा और बच्चों के साथ बातचीत की। उपायुक्त ने बीडीओ ऊना को गैरअवासीय विशेष प्रशिक्षण केंद्र बसाल में बच्चों के खेलने के लिए पार्क और खेल संबंधित उपकरण स्थापित करने के निर्देश दिए।