ऊना। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर ठाकुर की अदालत ने एक गांव में सात साल की मासूम बच्ची के साथ दुराचार प्रयास के मामले में दोषी को तीन साल का कठोर कारावास और 6 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी अशोक धीमान ने बताया कि 7 मार्च 2016 को पीड़िता की मां ने हरोली थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी बेटी बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रही थी। पड़ोस में रहने वाला 41 वर्षीय कुलवंत सिंह बच्ची को अपने कमरे में ले गया। उसने कमरे के दरवाजे को अंदर से कुंडी लगाकर बंद कर लिया और टेलीविजन की आवाज को तेज कर दिया। कुलवंत ने बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। बच्ची के चीखने की आवाजें सुनकर रविंद्र और कुलविंद्र मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जोर-जोर से दरवाजा खटखटाना शुरू कर दिया। जिस पर कुलवंत सिंह बाहर आ गया। बच्ची ने घर पहुंच कर सारी घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद पीड़िता के कपड़ों पर मिले साक्ष्य और आरोपी का डीएनए मैच करवाया। टेस्ट में आए नतीजों से तमाम तथ्य मिल गए। उन्होंने बताया कि अदालत ने कुलवंत सिंह को आईपीसी की धारा 376, 511 के तहत साढ़े तीन साल कठोर कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। वहीं, पोक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत भी साढ़े तीन साल की कठोर कैद और 3 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ चलेंगी। वहीं जुर्माना न देने की सूरत में दोषी को 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।