एक व्यक्ति के बैंक खाते से कथित तौर पर किसी दूसरे व्यक्ति ने ही लोन ले लिया। इस बात का खाताधारक को उस समय पता चला जब बैंक की ओर से लोन की किस्तें जमा करवाने के लिए फोन आया। पीड़ित व्यक्ति मूलतया बिहार निवासी है और शहर में ठेकेदारी करता है।
पीड़ित ने कुछ समय पहले ही बैंक में बचत खाता खुलवाया था। इस जालसाजी का पता उसे उस वक्त चला जब उसे बैंक से लोन की किस्तें अदा न करने को लेकर फोन आया। व्यक्ति ने जब बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि शटरिंग लेने के लिए उसके नाम से 21 लाख छह हजार का लोन जारी हुआ है, जिसकी उसने लगातार तीसरी किस्त अदा नहीं की गई हैं।
पीड़ित ने बैंक प्रबंधन को इसकी लिखित शिकायत सौंपी है। जानकारी के मुताबिक शशिकांत पांडेय केंद्रीय कांगड़ा सहकारी बैंक की स्थानीय शाखा में कुछ समय पहले एक व्यक्ति के साथ बचत खाता खुलवाने गया था। शशिकांत का आरोप है कि इसके लिए उससे पहचान पत्र आदि आवश्यक दस्तावेज मांगे गए जो उसने जमा करवा दिए। लेकिन, अब उसे बैंक की ओर से फोन आ रहे हैं कि उसके नाम पर 21 लाख का लोन है, जिसकी किस्तें अदायगी के लिए लंबित हैं।
शशिकांत का कहना है कि उसने बैंक से किसी प्रकार को कोई लोन नहीं लिया है, न ही उसकी जमीन या प्लाट ऊना में है। उसने संबधित बैंक प्रबंधन से मामले को लेकर न्याय की मांग की है।
मामले की होगी जांच : काहलों
उधर, इस संबंध में केंद्रीय कांगड़ा बैंक की एमडी राखिल काहलों का कहना है कि मामला उनके ध्यान में आया है, इसकी जांच की जाएगी।
लोन के दो गांरटर भी हैं : रविंद्र कुमार
वहीं, एजीएम रविंद्र कुमार का कहना है कि खाताधारक ने एनएफएस स्कीम के तहत शटरिंग के लिए 21 लाख 6 हजार का लोन लिया है, जिसके बाकायदा दो गारंटर भी हैं। खाताधारक के आरोपों की जांच की जाएगी।
लोन की लंबित हैं तीन किस्तें : भोगल
वहीं, शाखा प्रबंधक कमल भोगल के मुताबिक उक्त व्यक्ति के नाम पर शटरिंग के लिए लोन जारी हुआ है, जिसकी तीन किस्तें लंबित हैं।